भारतीय संबिधान भाग - 2 अनुच्छेद ( 5 से 11 )
नागरिकता ( Citizenship )
> कोई भी देश अपने मूल निवासियों को कुछ विषेश अधिकार देता है | इन अधिकारों नागरिकता कहते है |
अभारत में एकहरी नागरिकता है | इस लिए हम केवल देश के नागरिक है | राज्यों के नागरिक नहीं बल्कि
निवासी है भारत के संबिधान में नागरिकता ब्रिटेन से लिया गया है |
> नागरिकता पर पहला विवरण अरस्तु ने दिया था | भारत की नागरिकता 1955 के अधिनियम पर आधारित है |
भारत की नागरिकता में पहला संसोधन 1986 में किया गया था |
> भारत में नागरिक होने के कारण पैनकार्ड और आधारकार्ड दिया जाता है |
गैर नागरिक को ये सुबिधाये नहीं दिया जाता |
अनुच्छेद -5
भारत का संबिधान जब बना उस समय दी गयी नागरिकता अर्थात जब संबिधान बना था |
उस समय जितने लोग भारत में थे उन सबको नागरिकता दी गयी थी |
अनुच्छेद -6
पाकिस्तान से भारत में ए लोगो की नागरिकता अर्थात जो लोग संबिधान बनाने के बाद में
आये उनको नागरिकता नहीं दी जाएगी | ( Permit Rule लागू 19 जुलाई 1948 )
अनुच्छेद -7
भारत की स्वतंत्रता के बाद भारत से पाकिस्तान चले गए ऐसे लोग जो संबिधान लागु होने से
पहले भारत लौट आये उन्हें नागरिकता दी जाएगी |
अनुच्छेद- 8
विदेश घूमने और नौकरी करने पर भारत की नागरिकता नहीं ख़तम होगी |
अनुच्छेद -9
अगर आप विदेश जाकर वह की नागरिकता लेली और वही रहने लगे तो आप की
भारत की नागरिकता रद्द कर दी जाएगी |
भारत की नागरिकता रद्द कर दी जाएगी |
अनुच्छेद -10
भारत की नागरिकता तबतक बनी रहेगी जबतक आप कोई देश विदेशी कार्य नहीं करते |
अनुच्छेद -11
नागरिकता सम्बन्धी कानून संसद बनती है और जिम्मेदारी गृह मंत्रालय को दी गयी है |
नागरिकता प्राप्त करने का आधार -
नागरिकता अधिनियम ( सिटीजनशिप एक्ट ) -1955
भारत में नागरिकता प्राप्त करने की पाँच विधिया है |
१- जन्म के आधार पर ( 1986 )
भारत में जन्म लेने वाले सभी बच्चो को नागरिकता दी जाएगी, यदि उसके माता -पिता भारत के नागरिक हो
Ex - हम सभी |
2 -वंश के आधार पर ( 1992 ) -
विदेश में जन्म लेने वाले बच्चो को भी बारात की नागरिकता मिलेगी यदि उसके
माता -पिता दोनों में से कोई एक भारत का नागरिक हो |
Ex - शिखर धवन
3 -पंजीकरण (रजिस्ट्रेशन )
इस प्रकार नागरिकता प्राप्त करने के लिए किसी भी व्यक्ति को पहले 7 साल लगातार
भारत में रहना पड़ेगा | इस विधि से राष्ट्रमंडल देशो को नागरिकता दी जाती है \
4 -देशीकरण ( Naturalization ) -
वो व्यक्ति जो भारत में किसी एक भाषा को जनता हो , भारत के प्रति सकारात्मक सोच
खता हो वैज्ञानिक और कला में निपुण हो और भारत में लगातार 10 साल भारत में रहा हो |
5 - अर्जित भूमि -
किसी विदेशी राज्य को भारत में मिला लेने पर वह के लोगो को नागरिकता दे दी जाएगी |
सिक्किम को भारत में विलय होने के बाद वह के निवासियों को नागरिकता दी गयी और
बंगलादेश के परगना जिले को नागरिकता दी गयी |
* NRI ( Non Resident India )
वह नागरिक जो वर्तमान में भारत में नहीं रह रहा है | लेकिन वह भारत का नागरिक है वह विदेश में ६ माह से ज्यादा
( पढ़ाई या नौकरी करने ) के लिए चला गया हो तो यह NRI कहलाएगी |
* Overseas नागरिकता-
विदेशी नागरिकता, जिसे विदेशी नागरिकता या भारत की विदेशी नागरिकता (OCI) के रूप में भी जाना जाता है, नागरिकता के एक रूप को संदर्भित करती है जो कुछ देश ऐसे व्यक्तियों को प्रदान करते हैं जिनका उस देश से महत्वपूर्ण संबंध है लेकिन वे पूर्ण नागरिक नहीं हैं।
हालाँकि, सितंबर 2021 में मेरी जानकारी कटऑफ़ के अनुसार, भारत में ओवरसीज़ सिटिजनशिप ऑफ़ इंडिया (OCI) नामक एक प्रणाली है जो विदेशों में रहने वाले भारतीय मूल के लोगों को कुछ अधिकार और विशेषाधिकार प्रदान करती है। OCI पूर्ण नागरिकता नहीं है, लेकिन कई लाभ प्रदान करता है, जैसे कि भारत आने के लिए आजीवन वीज़ा, भारत में किसी भी अवधि तक रहने के लिए विदेशी क्षेत्रीय पंजीकरण अधिकारी (FRRO) के साथ पंजीकरण से छूट, और अनिवासी भारतीयों (NRI) के साथ समानता। विभिन्न आर्थिक, वित्तीय और शैक्षिक क्षेत्रों में। ओसीआई धारकों के पास भारतीय पासपोर्ट नहीं होता है, लेकिन वे अपने विदेशी पासपोर्ट पर बहु-प्रविष्टि आजीवन वीजा स्टिकर ले सकते हैं
* VISA - वीज़ा किसी देश की सरकार द्वारा जारी किया गया एक आधिकारिक दस्तावेज़ या समर्थन है जो किसी विदेशी व्यक्ति को किसी विशिष्ट उद्देश्य और अवधि के लिए उस देश में प्रवेश करने, रहने या पारगमन करने की अनुमति देता है। यह वीज़ा धारक को निर्दिष्ट अवधि के लिए यात्रा करने और देश में रहने और वीज़ा प्रकार द्वारा अनुमत गतिविधियों में संलग्न होने की अनुमति देता है।
वीजा जारी करने वाले देश और यात्रा के उद्देश्य के आधार पर उनके उद्देश्य और शर्तों में भिन्नता हो सकती है। कुछ सामान्य प्रकार के वीजा में टूरिस्ट वीजा, बिजनेस वीजा, स्टूडेंट वीजा, वर्क वीजा और ट्रांजिट वीजा शामिल हैं।वीजा प्राप्त करने के लिए, व्यक्तियों को आमतौर पर उस देश के दूतावास या वाणिज्य दूतावास में एक आवेदन जमा करने की आवश्यकता होती है, जहां वे जाने का इरादा रखते हैं। आवेदन प्रक्रिया में आमतौर पर व्यक्तिगत जानकारी प्रदान करना, दस्तावेजों का समर्थन करना और आवश्यक शुल्क का भुगतान करना शामिल होता है। वीजा प्राप्त करने की विशिष्ट आवश्यकताएं और प्रक्रियाएं देशों के बीच व्यापक रूप से भिन्न हो सकती हैं।
* PASSPORT - पासपोर्ट सरकार द्वारा जारी एक आधिकारिक यात्रा दस्तावेज है जो वाहक की पहचान और राष्ट्रीयता को प्रमाणित करता है। यह व्यक्तियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा करने की अनुमति देता है और नागरिकता के प्रमाण के रूप में कार्य करता है। पासपोर्ट में आमतौर पर धारक का पूरा नाम, जन्म तिथि, जन्म स्थान, फोटोग्राफ और एक विशिष्ट पासपोर्ट नंबर जैसी जानकारी शामिल होती है।
पासपोर्ट अंतर्राष्ट्रीय यात्रा के लिए आवश्यक हैं क्योंकि वे विदेशों में प्रवेश के लिए आवश्यक हैं और विदेश में पहचान के रूप में काम करते हैं। वे उस देश की सरकार द्वारा जारी किए जाते हैं जिसके पास पासपोर्ट धारक होता है। प्रत्येक देश की अपनी पासपोर्ट डिजाइन और जारी करने की प्रक्रिया होती है।
पासपोर्ट प्राप्त करने के लिए, व्यक्तियों को आमतौर पर अपने देश के पासपोर्ट कार्यालय या एजेंसी को एक आवेदन जमा करना पड़ता है। आवेदन प्रक्रिया में आम तौर पर व्यक्तिगत जानकारी, सहायक दस्तावेज (जैसे नागरिकता और पहचान का प्रमाण) प्रदान करना और आवश्यक शुल्क का भुगतान करना शामिल होता है। इसके बाद आवेदन पर कार्रवाई की जाती है और अनुमोदन के बाद आवेदक को पासपोर्ट जारी किया जाता है।
पासपोर्ट की समाप्ति तिथि होती है, और यदि आप अंतरराष्ट्रीय स्तर पर यात्रा जारी रखने की योजना बनाते हैं, तो समाप्त होने से पहले उन्हें नवीनीकृत करना महत्वपूर्ण है। पासपोर्ट की वैधता अवधि देश के अनुसार भिन्न होती है।
* नागरिकता संशोधन अधिनियम
भारतीय नागरिकता संशोधन अधिनियम (Citizenship Amendment Act) 2019 का प्रावधान भारतीय नागरिकता कानून में परिवर्तन करता है। यह अधिनियम भारतीय नागरिकता के प्राप्ति, नागरिकता परिवर्तन और नागरिकता रद्द करने के नियमों को संशोधित करता है।
नागरिकता संशोधन अधिनियम 2019 के अनुसार, भारतीय नागरिकता की प्राप्ति के लिए तीन मुख्य शर्तों को पूरा करना आवश्यक होता है। पहली शर्त है, व्यक्ति को 31 दिसंबर 2014 से पहले अधिकांशतः हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी या ईसाई धर्म के अनुयाय होना चाहिए और बांगलादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आयातित व्यक्ति होना चाहिए। दूसरी शर्त है कि यदि व्यक्ति की आयु 18 वर्ष से अधिक है, तो वह अपनी अस्थायी विश्वास प्रमाणपत्र के माध्यम से भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन कर सकता है। तीसरी शर्त है कि उन व्यक्तियों को जिन्होंने नागरिकता के लिए आवेदन किया है, इस अधिनियम की प्रावधानिकता के अनुसार भारत में निवास किया जा रहा हो।
नागरिकता संशोधन अधिनियम को लेकर विवाद और विपक्ष के आपत्तियों के बावजूद, इसका उद्देश्य नागरिकता प्राप्ति के अधिकार को विभिन्न धार्मिक समुदायों के लोगों के लिए मददगार बनाना है जो पाकिस्तान, बांगलादेश और अफगानिस्तान से भारत में आयातित हुए हैं।
यह अधिनियम विभिन्न धार्मिक समुदायों के नागरिकता कानून में परिवर्तन लाने के कारण विवादित हुआ है और इस पर अदालती मामलों का सामरिक चर्चा भी हुआ है। कृपया ध्यान दें कि मैं नागरिकता संशोधन अधिनियम के विवरण के अलावा, इसके संबंधित विवादों और मामलों के बारे में नवीनतम जानकारी नहीं प्रदान कर सकता हूँ।
* NRC (राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर) -
राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (National Register of Citizens, NRC) एक आधिकारिक रजिस्टर है जिसमें भारत के नागरिकों की सूची तैयार की जाती है। NRC का मुख्य उद्देश्य भारत के नागरिकों को पहचानना और अवैध आवासियों को पहचानने के लिए होता है।
NRC का पहला चरण असम राज्य में 2013-2014 में संपन्न हुआ था, जिसमें असम राज्य के निवासियों की नागरिकता की पद्धति को जांचा गया था। इसमें, सभी नागरिकों को उनकी जन्मतिथि, जाति, पिता का नाम, गांव और अन्य आवश्यक जानकारी के आधार पर पंजीकृत किया गया था।
हालांकि, NRC असम के सीमांत बांग्लादेशी आवासियों के मसौदे से जुड़ा हुआ है और यह विषय बड़े संवाद का विषय बना हुआ है। इसके बावजूद, NRC का राष्ट्रीय स्तर पर लागू होना अभी तक नहीं हुआ है और इसकी प्रक्रिया और विधानसभा की मंजूरी की विभिन्न मामलों पर चर्चा जारी है।
* NPR (राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर ) -
भारत की राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर (National Population Register, NPR) एक जनसंख्या रजिस्टर है जिसमें भारत के नागरिकों की जानकारी संग्रहीत की जाती है। NPR के तहत, एक राष्ट्रीय स्तरीय डेटाबेस तैयार किया जाता है जिसमें व्यक्तिगत और जीवनशैली से संबंधित जानकारी शामिल होती है, जैसे नाम, पिता का नाम, जन्मतिथि, लिंग, राष्ट्रीयता, शिक्षा, व्यवसाय आदि।
NPR के तहत, भारत के नागरिकों की जानकारी जैसे नाम, जन्मतिथि, लिंग, स्थायी पता, नागरिकता संख्या, आधार संख्या, वोटर आईडी और अन्य विवरणों को संग्रहीत किया जाता है। NPR का उपयोग सरकारी योजनाओं, नीतियों और योजनाओं के निर्माण में किया जाता है।
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