संविधान (Constitution) भारतीय संविधान
भारतीय संविधान
सभी के लिए बराबर कानून और अधिकार को संबिधान कहते है
हमारे देश और राज्य का शासन कैसे चलेगा उसको चलाने के लिए जिस किताब का नाम है
उसे कहते है भारतीय संविधान |इसे तैयार करने में २ साल ११ महीने १८ दिन कड़ी मेहनत से तैयार किया गया है | इस किताब में 22 Lesson है | इस lesson को हम लोग भाग कहते है
और इसमें कुछ Topic लिखे गए है जिसे अनुच्छेद कहते है इसमें कुल 395 अनुच्छेद लिखे गए है |
भाग - 1 में (अनुच्छेद 1 - 4 )
संघ और राज्य क्षेत्र (Union and Its Terriotry )
अनुच्छेद - 1 > भारत राज्यों का संघ ( Union ) है इस लिए इसके राज्य
कभी - भी टुटकर अलग नहीं हो सकते |
Confederal ( परिसंघ ) > परिसंघ उसे कहते है जिसमे छोटे - छोटे राज्य आपस में जुड़कर और अपनी
थोड़ी - थोड़ी शक्तियाँ केंद्र सरकार को देकर एक देश का निर्माण कराती है | परिसंघ बहुत ही कमजोर होता है |
इससे कोई भी देश आसानी से अलग हो जाते है |
Fedration ( संघ ) > इसमें राज्य मिलकर एक निर्माण करते है और हर राज्य अपनी शक्तियाँ देश
को दे देते है | और देश को कहते है कि आप इन शक्तियों का प्रयोग अपनी तरीके से करे | लेकिन इसमें भी राज्य
अलग हो सकते है |
Union ( संघ ) > भारत राज्यों का संघ ( Union ) है इस लिए इसके राज्य
कभी - भी टुटकर अलग नहीं हो सकते |
लेकिन अमेरिका एक Fedration देश है और इंडिया एक Union देश है |
अनुच्छेद -2 भारत के बहार का कोई देश या किसी देश का कोई टुकड़ा राज्य अगर भारत से मिलाना चाहता है तो उसे भारत में मिला सकते है
\अनुच्छेद 2 कहता है कि संसद राष्ट्रपति के पूर्व अनुमति (सूचना ) पर किसी भी विदेशी राज्य को भारत में मिला सकते है |
जैसे - सिक्किम
सिक्किम ( उसके लिए 1974 में 35 वाँ संशोधन के साथ सिक्किम को भारत का सह राज्य बनाया गया था |
इसके लिए संबिधान में एक special अनुच्छेद -2 (क ) जोड़ा गया था | और फिर बाद में सिक्किम को 16 मई 1975 को 36 वाँ संसोधन
कर के भारत का 22 वाँ राज्य बनाया गया | )
अनुच्छेद - 3 > संसद राष्ट्रपति के पूर्व अनुमति से भारत के किसी भी राज्य को ( बिना उसके अनुमति )
नाम, सिमा, क्षेत्र , में परिवर्तन कर सकता है |
जैसे - MP > छत्तीसगढ ( १ नवम्बर ,२०००
-UP > उत्तराखंड ( ९ नवम्बर , २००० )
- BIHAR > झारखण्ड ( नवम्बर , २००० )
अनुच्छेद - 4 > जब सांसद अनुच्छेद -२ का प्रयोग कर के किसी बिदेसी राज्य को मिलाएगी या अनुच्छेद - ३ का प्रयोग करेगी
और किसी राज्य को तोड़ेगी तो उसके लिए राष्ट्रपति की अनुमति की जरुरत नहीं होगी | क्यों की इसे अनुच्छेद ३६८ से बहार रखा गया है |
जिसको अनुच्छेद ३६८ में रख दिया जाता है उसको राष्ट्रपति का हस्ताक्षर अनिवार्य होता है |

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